कहे थे दूर रहो सब जलती है ।।
बातें नहीं करती मुझसे
मुझको भुला दिया क्या ?
इक कोने में अकेली बैठी हो
किसी ने फिर रुला दिया क्या ?
कहे थे दूर रहो उनसे
सब जलती है ,
किसी की खातिर उन्होंने
तुम्हें फ़िर बहला दिया क्या ?
दीवार की दरारों में रखी
जो तस्वीर मेरी थी ,
मिल नहीं रही गायब है
जला दिया क्या ?
लबों से जाम जो
पिलाकर आए थे ,
नशे में अब तक हो
किसी और ने पीला दिया क्या ?
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