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Showing posts from March, 2020

बेवफा कह कर सबको दिखलाया नहीं जा रहा ।।

एक खयाल है तेरा भुलाया नहीं जा रहा , खाना भी हलक से अंदर नहीं जा रहा । आओ ज़िंदगी बसर करनी है संग तेरे , बिन तेरे अब जिया भी नहीं जा रहा ।  होंगे कई गिले शिकवे मुझसे फ़िर , तुझसे कुछ क्यों कहा नहीं जा रहा । तेरा जाना कुछ इस कदर असर कर गया मुझपर , इन अश्कों के काफिलों को रोके रोका नहीं जा रहा । तबीयत कुछ नासाज़ है वो तो होनी थी , तुझको जो कई रोजों से देखा नहीं जा रहा । तुम रूठी हो मानो ज़िन्दगी रूठी हो मेरी , खुश करने को झूठ उगलवाया नहीं जा रहा । क्या करे तेरी तस्वीर का जो मुद्दतों से छुपा रखे है , बेवफ़ा कह कर सबको दिखलाया नहीं जा रहा । तीलियां जलाई जाती है तस्वीर जलाने को तेरी , तुझको छुआ जिन हाथों ने उनसे जलाया नहीं जा रहा । जल जाती है उंगलियां उन्हीं तीलियों से मिरी , नाराज़गी इतनी तीलियों को बुझाया नहीं जा रहा ।

कुछ तो हुआ होगा ।।

मुझसे पहले किसी ने तेरे गालों को छुआ होगा , सच सच बताना कुछ तो हुआ होगा । इस जहां में सब रेगिस्तान तो नहीं , गला सूख रहा है कहीं तो कुंआ होगा ।। पैसा , ताश , सिगरेट सब पकड़ लोगे , ये दुनिया है यहां ज़िन्दगी का जुआ होगा ।। एक ख्वाहिश थी 'तुम' खत्म हो गई शायद , ये राख है अब कहां धुंआ होगा ? ।।
नज़रों ने जैसे ही उसके होंठों पर  निशाना साधा है , तुरंत ही उसने चेहरे पर रुमाल बांधा है । अभी तक तो पीटने की नौबत ना आई है , उसकी नज़रें देख कर कुछ मुस्कुराई है । त्योरियां तो उसकी अब भी चढ़ी हुई है , बगल वाले के फोन में ही गड़ी हुई है । अबकी बार मेसेज पढ़ कर चेहरा शरमाया है ,  मिस यू बाबू का मेसेज जो आया है । वो बोली ऐसा लगा बहार आया है , उसने पूछी जगह, शायद ऊंचाहार आया है । बस की फर्श को कचरों ने छुपाया है , मूंगफली के छिलके तक तो ठीक पर किसी ने मॉर्टिन गिराया है । सफ़र खत्म होने को था क्या नई फसल बोना है , उसने फोन खोल दिखया की उसका भी बाबू शोना है । लड़कियां पट जाएंगी , जरूरी नहीं नाईक का जैकेट होना चाहिए , बस माथे पर **या नहीं लिखा होना चाहिए ।।