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Showing posts from October, 2019

कह दिया है इश्क़ है ।।

तुमने उससे दिल लगाकर कह दिया है इश्क़ है , तुमने मेरा दिल जलाकर कह दिया है इश्क़ है , तुम हो वही ना जो कहती कभी थी कि क्या आजमाना इश्क़ में , तुमने मुझको आजमाकर कह दिया है इश्क़ है ...

देख वो मेरा जान ए बसर आया है

जो छुपा था शर्माकर बादलों में कहीं अब निकल वो क़मर आया है , चकरोड़ें अब खामोश पड़ने लगी शायद उससे मिलने का पहर आया है , अब छेड़ो तराना दूसरा कोई यार मेरे , उसकी बातों से मेरा गला ...

बुझा गया कोई हर प्यास अब मेरी प्यास कहां तुझमें

इजाज़ - ए - वक़्त का ही हश्र है कि वो इख्लास कहां तुझमें , बुझा गया कोई हर प्यास अब मेरी प्यास कहां तुझमें । गश - ए - इश्क़ में हम यहां अब तल्ख़ ना होश आया है , वो खुश है अभी तुझसे नया जो ...

बस अपनों पर यहां कीचड़ उछल जाएगा ।।

ख़िज्र-ए-इश्क़ है दिल में निकल जाएगा , अभी नादान है वो संभल जाएगा , ताबिश-ए-हुस्न को ढक कर रखो , ये दिल मोम है फिर पिघल जाएगा । किस्सा-ए-इश्क़ में सांस बाकी है , अभी थोड़े ही धूल में म...

तुम्हारे होंठ पर वो तिल बहुत ही कातिलाना है ।।

अब अपनी मुस्कुराहट से फिर किसको लुभाना है , फिर झुकी पलकों से किसका दिल जलाना है , समय साथ था तब भी और वो आज भी है पर , इत्तिका थी कभी तुम आज मय का ज़माना है । आओ जो शौकीन है पीने का ब...

कुछ भी ना लिखूं

यहां तन्हा - सा बैठा मैं ज़रा सोचूं की क्या लिखूं , पुराने ज़ख्मों की यादें या पुराने जख्म ही लिख दूं । देखा नजर में उनकी तो दौड़ चमक सी गई , लिखूं क्या मोहब्बतों की यादें या महब...

कोई माखन लेकर आएगा ।।

उस गरीब की बस्ती में कोई उजियारा करने आएगा , वो कोई मोदी सोनिया नहीं ना गांधी ही कहलाएगा  । कैसे कर रही है रातें कैसे बीत रहे है दिन , उसकी दर्द कहानी को सुनने कोई आएगा । राह देख...

क्यों ??

सांत्वना देते हुए यूं भाव विभोर हो जाते हो , टूटे हुए अंतरिम हृदय का अंदरूनी शोर हो जाते हो , खिलखिला चहकते हुए मुखातिब चांद से हो जाते हो , आंचल में पालने वालों से बेचलन व बोर ह...

शायद मुझको इश्क़ हो गया है

उसी की बातें रहती है ज़ुबां पर , शायद मुझको इश्क़ हो गया है , तस्वीर ख्वाब में नजर आसमां पर , शायद मुझको इश्क़ हो गया है । नज़रों को पलको से यूं छुपाती है वो , चाहत हर पर नज़रों से द...