वो झूठ था जो पर्दे पर दिखाया जा रहा
उन्हें सिर आंखों पे बिठाया जा रहा , हैं खुदा के बंदे ऐसा बताया जा रहा , तुम अपनी आंखों से सच देख तो आए हो मगर , वो झूठ था जो पर्दे पर दिखाया जा रहा ।। उन्होंने तो मुहब्बत का दावा किया है , फिर भी हमको इश्क़ में आजमाया जा रहा ।। हूं आईना और अंजाम वो जानते है , इसीलिए मुझे फर्श पर गिराया जा रहा ।। कोई नया काम फ़िर निकल आया है उनका , इसीलिए ‘गुमनाम’ रिश्ता निभाया जा रहा ।।